Swelling: अगर सूजन हो जाती है तो क्या करें
रक्त दूषित होने पर सूजन की उत्पत्ति होती है। गिरने के कारण चोट लगने पर भी सूजन आ जाती है। गुर्दों में विकार उत्पन्न हो जाने पर भी शरीर के विभिन्न अंगों में सूजन आ जाती है। गर्भावस्था में खून की कमी हो जाने पर भी गर्भवती स्त्री के पैरों, हाथों और चेहरे पर सूजन आ जाती है। छोटे बच्चे जब मिट्टी खाते हैं तो उनके पेट पर सूजन आ जाती है।
आम, इमली, कमरख और दूसरे खट्टे फल न खायें। अचार, कांजी और सिरके से बने भोजन का सेवन न करें।
हरड़ का काढ़ा बनाकर, छानकर 50 ग्राम की मात्रा में पांच ग्राम गुग्गल मिलाकर सेवन करें। इससे सूजन कम होती है।
केले का प्रतिदिन नियमपूर्वक सेवन करें।
मूली 100 ग्राम और तिल 10 ग्राम चबाकर खाने से त्वचा के नीचे जमे जल से उत्पन्न सूजन नष्ट होती है।
सोंठ का 10 ग्राम चूर्ण के साथ खाने से सूजन दूर होती है। इसके साथ ही इंद्रायण की जड़ को सिरके के साथ पीसकर सूजन पर मलें।
अनन्नास का 150 ग्राम रस कुछ दिनों तक पीने से यकृत की सूजन पर दूर होती है।
पांच ग्राम गाजर के बीजों को 300 ग्राम जब में उबाल कर, काढ़ा बनाकर, छानकर पियें। अधिक मूत्र आने से सूजन नष्ट होती है।
मलतास के ताजे फूल 10 ग्राम और भुना हुआ सुहागा 3 ग्राम पीसकर सुबह-शाम गर्मजल के साथ सेवन करने से सूजन नष्ट होती है।
प्रमुख लक्षण :-
संक्रामक रोग, मलेरिया और आंत्रिक ज्वर में सूजन की विकृति उत्पन्न हो जाती है। कभी-कभी सूजन की पीड़ा बहुत ही असहनीय हो जाती है। उदर में सूजन होने पर उल्टी की शिकायत रहने लगती है। गुर्दों की विकृति होने के कारण उत्पन्न सूजन में मूत्र के साथ खून भी आता है।क्या न खायें :-
चाइनीय और फास्ट-फूड से परहेज करें। घी-तेल स बने भोजन का सेवन न करें। गरम मिर्च-मसालों और अम्लीय रस से बने भोज्य पदार्थों को न खायें।आम, इमली, कमरख और दूसरे खट्टे फल न खायें। अचार, कांजी और सिरके से बने भोजन का सेवन न करें।
क्या खायें :
खजूर का कुछ दिनों तक सेवन करें। काली मिर्च पीसकर मक्खन के साथ मिलाकर चाटें।हरड़ का काढ़ा बनाकर, छानकर 50 ग्राम की मात्रा में पांच ग्राम गुग्गल मिलाकर सेवन करें। इससे सूजन कम होती है।
केले का प्रतिदिन नियमपूर्वक सेवन करें।
मूली 100 ग्राम और तिल 10 ग्राम चबाकर खाने से त्वचा के नीचे जमे जल से उत्पन्न सूजन नष्ट होती है।
सोंठ का 10 ग्राम चूर्ण के साथ खाने से सूजन दूर होती है। इसके साथ ही इंद्रायण की जड़ को सिरके के साथ पीसकर सूजन पर मलें।
अनन्नास का 150 ग्राम रस कुछ दिनों तक पीने से यकृत की सूजन पर दूर होती है।
पांच ग्राम गाजर के बीजों को 300 ग्राम जब में उबाल कर, काढ़ा बनाकर, छानकर पियें। अधिक मूत्र आने से सूजन नष्ट होती है।
मलतास के ताजे फूल 10 ग्राम और भुना हुआ सुहागा 3 ग्राम पीसकर सुबह-शाम गर्मजल के साथ सेवन करने से सूजन नष्ट होती है।