Constipation: क्या आप कब्ज की समस्या से परेशान है?
ऐसे में क्या करे? आज कल कब्ज की समस्या आम बात सी हो गयी है कारण बहुत सी हो सकती है। हमारे दैनिक रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम जीना हीं भूल गए है। ऐसे में अगर आप भी कब्ज से परेशान है तो चलिए जान लेते है इसके उपचार के बारे में -
करेला
करेला का रस 1 चम्मच, जीरा आधा चम्मच, सेंधानमक 2 चुटकी को पीसकर चटनी बनाकर Constipation कब्ज की शिकायत में खा सकते हैं।कच्ची पालक
कच्ची पालक का रस रोज सुबह पीते रहने से Constipation कब्ज दूर होती है। पालक और बथुआ की सब्जी खाने से भी पेट की गैस कम हो जाती है।अंगूर
खाना खाने के बाद लगभग 200 ग्राम अंगूर खाने से Constipation कब्ज नष्ट होती है।कब्ज में अंगूर खाने से लाभ होता है। और कच्चे शलगम को खाने से पेट साफ हो जाता है।धनिया
धनिया 20 ग्राम और 20 ग्राम सनाय को रात में 250 ग्राम पानी में भिगो दें। सुबह इसे छानकर, मिश्री मिलाकर पीने से कब्ज (पेट में गैस) को कम कर देता है। हरे धनिये की चटनी में कालानमक मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है। धनिया कब्ज तोड़ने में भी सहायता करता है। धनिये के चूर्ण से पुराना से पुराना कब्ज भी दूर हो जाता है।इसके लिए 50 ग्राम धनिया, 10 ग्राम सोंठ, 2 चुटकी कालानमक तथा 3 ग्राम हरड़ लेकर सभी चीजों को कूट पीसकर कपड़े से छानकर रख लेना चाहिए। इस चूर्ण को थोड़ी सी मात्रा में भोजन करने के बाद गुनगुने पानी से लें। इससे कब्ज नष्ट होता है और मल भी खुलकर आने लगता है। इससे पेट का दर्द भी कम हो जाता है और आंतों की खुश्की भी दूर हो जाती है।
इससे भूख खुलकर आती है। मलावरोध समाप्त हो जाता है। यदि पुराना कब्ज हो तो इस चूर्ण को लगातार 40 दिनों तक लेना चाहिए। कब्ज न रहने पर भी यह चूर्ण लिया जा सकता है। इससे किसी भी प्रकार की हानि की संभावना नहीं होती है।
पांच ग्राम अजवायन, 10 कालीमिर्च और 2 ग्राम पीपल को रात में पानी में डाल दें। सुबह उठकर शहद में मिलाकर 250 ग्राम पानी के साथ पीने से वायु गोला के दर्द को नष्ट करता है।
अजवायन 20 ग्राम, सेंधानमक 10 ग्राम, कालानमक 10 ग्राम को पुदीना के लगभग 1 ग्राम का चौथाई भाग रस में कूट लें, फिर इसे छानकर 5-5 ग्राम सुबह-शाम खाना खाने के बाद गर्म पानी के साथ सेवन करने से आराम मिलता है।
लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग अजवायन के बारीक चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ पीने से कब्ज (गैस) समाप्त होती जाती है।
अजवायन और कालानमक को पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को पानी के साथ पीने से पेट के दर्द में आराम देता है।
छह ग्राम अजवाइन में लगभग 2 ग्राम कालानमक को मिलाकर फंकी देकर गरम पानी पिलाने से गैस मिटती है। अजवाइन पेट की वायु को बाहर निकालती है। भोजन में किसी भी रूप से अजवाइन का सेवन करना चाहिए। अजवाइन और कालानमक समान मात्रा में पीसकर 4-4 ग्राम की फंकी छाछ से लेने से पेट की गैस दूर होती है।
सौंफ का चूर्ण रात को खाकर ऊपर से पानी पीने से कब्ज दूर होती है।
सौंफ आधा चम्मच, हरड़ आधा चम्मच और चीनी आधा चम्मच की मात्रा में बारीक पीसकर रख लें। फिर रात को खाना खाने के बाद 1 घण्टे बाद सेवन करने से लाभ होता है।
सौंफ 3 ग्राम, बनफ्शा 3 ग्राम, बादाम 3 ग्राम और 10 ग्राम चीनी को लेकर पीस लें। इसकी 3 खुराक सुबह, दोपहर और शाम लेने से कब्ज में लाभ होगा।
सौंफ 50 ग्राम, बहेड़ा 100 ग्राम और गूदा कंवर गंदल 150 ग्राम को बारीक पीसकर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। इन गोलियों को सुबह और शाम को पानी के साथ पीने से लाभ होता है।
सौंफ 50 ग्राम, गूदा घी ग्वार 100 ग्राम, सोंठ 100 ग्राम, जीरा 50 ग्राम को मिलाकर पीसकर मिश्रण बना लें। फिर इस मिश्रण की छोटी-छोटी गोलियां बना लें। 1-1 गोली सुबह-शाम पानी के साथ लेने से कब्ज में लाभ मिलता है।
सौंफ, सनाय, हरड़ का छिलका, सोंठ और सेंधानमक बराबर मात्रा में मिलाकर बारीक पीसकर चूर्ण बना लें। 3 ग्राम की मात्रा में 14 से 18 साल तक के बच्चों को होने वाली कब्ज में पानी के साथ पिलाने से कब्ज से छुटकारा मिलता है।
सौंफ 4 ग्राम, सनाय 4 ग्राम, द्राक्षा (मुनक्का) 4 ग्राम को पानी में उबालकर काढ़ा बना लें, इस काढ़े को पिलाने से कब्ज नहीं रहती है।
सौंफ की जड़ दो ग्राम सुबह-शाम पीसकर लेने से शौच खुलकर आती है।
चार चम्मच सौंफ एक गिलास पानी में उबालें। जब आधा पानी रह जाये तो छानकर पीने से Constipation कब्ज दूर हो जायेगा।
सोते समय आधा चम्मच पिसी हुई सौंफ की फंकी गरम पानी से लेने से Constipation कब्ज दूर होती है। सौंफ, हरड़, चीनी रोज आधा चम्मच मिलाकर पीसकर गरम पानी से फंकी लें।
त्रिकुटा
त्रिकुटा (सोंठ, कालीमिर्च, छोटी पीपल) 30 ग्राम, त्रिफला (हरड़, बहेड़ा, आंवला), 50 ग्राम पांचों नमक, 10 ग्राम अनारदाना, 10 ग्राम बड़ी हरड़ को पीसकर चूर्ण बनाकर रख लें। रात को ठण्डे पानी में 6 ग्राम की खुराक के रूप में सेवन करने से कब्ज में रोगी को लाभ होगा।अजवायन
अजवायन 10 ग्राम, त्रिफला 10 ग्राम और सेंधानमक 10 ग्राम को बराबर मात्रा में लेकर कूटकर चूर्ण बना लें। रोजाना 3 से 5 ग्राम इस चूर्ण को हल्के गर्म पानी के साथ सेवन करने से काफी पुरानी कब्ज समाप्त हो जाती है।पांच ग्राम अजवायन, 10 कालीमिर्च और 2 ग्राम पीपल को रात में पानी में डाल दें। सुबह उठकर शहद में मिलाकर 250 ग्राम पानी के साथ पीने से वायु गोला के दर्द को नष्ट करता है।
अजवायन 20 ग्राम, सेंधानमक 10 ग्राम, कालानमक 10 ग्राम को पुदीना के लगभग 1 ग्राम का चौथाई भाग रस में कूट लें, फिर इसे छानकर 5-5 ग्राम सुबह-शाम खाना खाने के बाद गर्म पानी के साथ सेवन करने से आराम मिलता है।
लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग अजवायन के बारीक चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ पीने से कब्ज (गैस) समाप्त होती जाती है।
अजवायन और कालानमक को पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को पानी के साथ पीने से पेट के दर्द में आराम देता है।
छह ग्राम अजवाइन में लगभग 2 ग्राम कालानमक को मिलाकर फंकी देकर गरम पानी पिलाने से गैस मिटती है। अजवाइन पेट की वायु को बाहर निकालती है। भोजन में किसी भी रूप से अजवाइन का सेवन करना चाहिए। अजवाइन और कालानमक समान मात्रा में पीसकर 4-4 ग्राम की फंकी छाछ से लेने से पेट की गैस दूर होती है।
सौंफ
सौंफ 50 ग्राम, कालानमक 10 ग्राम, कालीमिर्च 5 ग्राम को कूटकर छान लें। सुबह-शाम इसे 5-5 ग्राम खाना खाने के बाद गर्म पानी के साथ लेने से लाभ होता है।सौंफ का चूर्ण रात को खाकर ऊपर से पानी पीने से कब्ज दूर होती है।
सौंफ आधा चम्मच, हरड़ आधा चम्मच और चीनी आधा चम्मच की मात्रा में बारीक पीसकर रख लें। फिर रात को खाना खाने के बाद 1 घण्टे बाद सेवन करने से लाभ होता है।
सौंफ 3 ग्राम, बनफ्शा 3 ग्राम, बादाम 3 ग्राम और 10 ग्राम चीनी को लेकर पीस लें। इसकी 3 खुराक सुबह, दोपहर और शाम लेने से कब्ज में लाभ होगा।
सौंफ 50 ग्राम, बहेड़ा 100 ग्राम और गूदा कंवर गंदल 150 ग्राम को बारीक पीसकर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। इन गोलियों को सुबह और शाम को पानी के साथ पीने से लाभ होता है।
सौंफ 50 ग्राम, गूदा घी ग्वार 100 ग्राम, सोंठ 100 ग्राम, जीरा 50 ग्राम को मिलाकर पीसकर मिश्रण बना लें। फिर इस मिश्रण की छोटी-छोटी गोलियां बना लें। 1-1 गोली सुबह-शाम पानी के साथ लेने से कब्ज में लाभ मिलता है।
सौंफ, सनाय, हरड़ का छिलका, सोंठ और सेंधानमक बराबर मात्रा में मिलाकर बारीक पीसकर चूर्ण बना लें। 3 ग्राम की मात्रा में 14 से 18 साल तक के बच्चों को होने वाली कब्ज में पानी के साथ पिलाने से कब्ज से छुटकारा मिलता है।
सौंफ 4 ग्राम, सनाय 4 ग्राम, द्राक्षा (मुनक्का) 4 ग्राम को पानी में उबालकर काढ़ा बना लें, इस काढ़े को पिलाने से कब्ज नहीं रहती है।
सौंफ की जड़ दो ग्राम सुबह-शाम पीसकर लेने से शौच खुलकर आती है।
चार चम्मच सौंफ एक गिलास पानी में उबालें। जब आधा पानी रह जाये तो छानकर पीने से Constipation कब्ज दूर हो जायेगा।
सोते समय आधा चम्मच पिसी हुई सौंफ की फंकी गरम पानी से लेने से Constipation कब्ज दूर होती है। सौंफ, हरड़, चीनी रोज आधा चम्मच मिलाकर पीसकर गरम पानी से फंकी लें।
सौंठ
सौंठ 10 ग्राम, अजवायन 10 ग्राम में 3 ग्राम कालानमक मिलाकर मिश्रण बना लें। रोज 2-2 ग्राम की मात्रा में थोड़े-से पानी के साथ सुबह-शाम पीने से लाभ होता है।लौंग
लौंग 10 ग्राम, कालीमिर्च 10 ग्राम, अजवायन 10 ग्राम, लाहौरी नमक 50 ग्राम और मिश्री 50 ग्राम को पीस-छानकर नींबू का रस डाल दें। सूखने पर 5-5 ग्राम गर्म पानी से खाना खाने के बाद खुराक के रूप में लाभ होता है।अदरक
अदरक का रस 10 ग्राम को थोड़े-से शहद में मिलाकर सुबह पीने से शौच खुलकर आती है।
एक कप पानी में 1 चम्मच भर अदरक को कूटकर पानी में 5 मिनट तक उबाल लें। फिर इसे छानकर पीने से Constipation कब्ज दूर होती है।
अदरक, फूला हुआ चना और सेंधानमक मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है।
गुलकंद (गुलाब की पंखड़ियों से प्राप्त रस) 10 से 20 ग्राम सुबह-शाम सेवन करने से शौच साफ आती है। भूख बढ़ती है और शरीर में ताकत आती है।
दो चम्मच गुलकंद को 250 ग्राम हल्के गर्म दूध के साथ सोने से पहले लेने से पेट की गैस में लाभ होता है।
गुलकंद 2 बड़ा चम्मच, मुनक्का 4 पीस, सौंफ आधा चम्मच को मिलाकर एक कप पानी में उबालकर सेवन करें।
गुलाब की सूखी कली 20 ग्राम और तालमिश्री 40 ग्राम को मिलाकर 250 ग्राम गर्म दूध के साथ पीने से लाभ होता है।
गुलकंद, आंवला, हरड़ का मुरब्बा, बहेड़ा का मुरब्बा आदि में से बीजों को बाहर निकालकर पीसकर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। रोजाना 3 बार (सुबह, दोपहर और शाम) 1-1 गोली गर्म दूध या पानी के साथ कुछ दिनों तक सेवन करने से कब्ज मिटती है।
5 ग्राम नींबू के रस को 10 ग्राम मिश्री में घोलकर पानी के साथ पीने से कब्ज (कोष्ठबद्धता) दूर होती है।
नींबू के रस को पीने से वायु (गैस) का गोला समाप्त हो जाता है।
गन्ने का रस गर्म करके और नींबू का रस थोड़ी-सी मात्रा में लेकर सुबह के समय एक साथ लेने से लाभ होता है।
एक नींबू का रस गर्म पानी के साथ रात को सोने से पहले पी लें। इससे सुबह शौच खुलकर आती है।
नींबू का रस 2 चम्मच और चीनी 5 ग्राम को मिलाकर शर्बत बना लें। 4-5 दिन तक लगातार पीने से कब्ज में लाभ होता है।
नींबू के रस में थोड़ी-सी पिसी हुई कालीमिर्च को डालकर सेवन करने से Constipation कब्ज नष्ट हो जाती है।
नींबू के 10 ग्राम रस को 250 ग्राम पानी में मिलाकर सुबह के समय सेवन करने से कोष्ठबद्धता तुरंत समाप्त होती है।
एक नींबू का रस 1 गिलास गर्म पानी के साथ रात में सोते समय लेने से पेट साफ हो जाता है। नींबू का रस 15 ग्राम और शक्कर (चीनी) 15 ग्राम लेकर 1 गिलास पानी में मिलाकर रात को पीने से पुराना Constipation कब्ज कम हो जाता है।
नींबू के रस में सेंधानमक मिलाकर सेवन करने से पेट की बीमारी और गैस बाहर निकल जाती है।
1 गिलास गुनगुने पानी में 1 नींबू का रस व एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से कब्ज दूर होती है और शरीर का वजन घटने लगता है।
एक कप पानी में 1 चम्मच भर अदरक को कूटकर पानी में 5 मिनट तक उबाल लें। फिर इसे छानकर पीने से Constipation कब्ज दूर होती है।
अदरक, फूला हुआ चना और सेंधानमक मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है।
गुलकंद
गुलकंद 30 ग्राम को दूध के साथ रोजाना पीने से कब्ज (कोष्ठबद्धता) समाप्त होती है। गुलकंद को खाकर ऊपर से दूध पी जायें। ऐसा 7 दिनों तक करने से Constipation कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है।गुलकंद (गुलाब की पंखड़ियों से प्राप्त रस) 10 से 20 ग्राम सुबह-शाम सेवन करने से शौच साफ आती है। भूख बढ़ती है और शरीर में ताकत आती है।
दो चम्मच गुलकंद को 250 ग्राम हल्के गर्म दूध के साथ सोने से पहले लेने से पेट की गैस में लाभ होता है।
गुलकंद 2 बड़ा चम्मच, मुनक्का 4 पीस, सौंफ आधा चम्मच को मिलाकर एक कप पानी में उबालकर सेवन करें।
गुलाब की सूखी कली 20 ग्राम और तालमिश्री 40 ग्राम को मिलाकर 250 ग्राम गर्म दूध के साथ पीने से लाभ होता है।
गुलकंद, आंवला, हरड़ का मुरब्बा, बहेड़ा का मुरब्बा आदि में से बीजों को बाहर निकालकर पीसकर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। रोजाना 3 बार (सुबह, दोपहर और शाम) 1-1 गोली गर्म दूध या पानी के साथ कुछ दिनों तक सेवन करने से कब्ज मिटती है।
नींबू
नींबू का रस, 5 ग्राम अदरक का रस और 10 ग्राम शहद मिलाकर गर्म पानी के साथ सेवन करने से Constipation कब्ज (कोष्ठबद्धता) नष्ट होती है।5 ग्राम नींबू के रस को 10 ग्राम मिश्री में घोलकर पानी के साथ पीने से कब्ज (कोष्ठबद्धता) दूर होती है।
नींबू के रस को पीने से वायु (गैस) का गोला समाप्त हो जाता है।
गन्ने का रस गर्म करके और नींबू का रस थोड़ी-सी मात्रा में लेकर सुबह के समय एक साथ लेने से लाभ होता है।
एक नींबू का रस गर्म पानी के साथ रात को सोने से पहले पी लें। इससे सुबह शौच खुलकर आती है।
नींबू का रस 2 चम्मच और चीनी 5 ग्राम को मिलाकर शर्बत बना लें। 4-5 दिन तक लगातार पीने से कब्ज में लाभ होता है।
नींबू के रस में थोड़ी-सी पिसी हुई कालीमिर्च को डालकर सेवन करने से Constipation कब्ज नष्ट हो जाती है।
नींबू के 10 ग्राम रस को 250 ग्राम पानी में मिलाकर सुबह के समय सेवन करने से कोष्ठबद्धता तुरंत समाप्त होती है।
एक नींबू का रस 1 गिलास गर्म पानी के साथ रात में सोते समय लेने से पेट साफ हो जाता है। नींबू का रस 15 ग्राम और शक्कर (चीनी) 15 ग्राम लेकर 1 गिलास पानी में मिलाकर रात को पीने से पुराना Constipation कब्ज कम हो जाता है।
नींबू के रस में सेंधानमक मिलाकर सेवन करने से पेट की बीमारी और गैस बाहर निकल जाती है।
1 गिलास गुनगुने पानी में 1 नींबू का रस व एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से कब्ज दूर होती है और शरीर का वजन घटने लगता है।
अमरूद- Guava
अमरूद को खाने के बाद ऊपर से दूध पी लेने से पेट में Constipation कब्ज नहीं होती है।
अमरूद खाने से आंतों में तरावट आती है और Constipation कब्ज दूर हो जाती है। इसे खाना खाने से पहले ही खाना चाहिए, क्योंकि खाना खाने के बाद खाने से कब्ज बनती है। Constipation कब्ज वालों को नाश्ते में अमरूद लेना चाहिए। पुरानी कब्ज के रोगियों को सुबह-शाम अमरूद खाना चाहिए। इससे पेट साफ हो जाता है।
अमरूद खाने से या अमरूद के साथ किशमिश खाने से Constipation कब्ज की शिकायत नहीं रहती है।
नाश्ते में अमरूद का सेवन करें। सख्त कब्ज में सुबह-शाम अमरूद खाएं। अमरूद को कालीमिर्च, कालानमक और अदरक के साथ खाने से अजीर्ण, गैस अफारा की तकलीफ दूर होकर भूख बढ़ जाएगी।
अच्छी किस्म के तरोताजा बड़े-बड़े अमरूद लेकर उसके छिलकों को निकालकर टुकड़े कर लें और धीमी आग पर पानी में उबालें। जब अमरूद आधे पककर नरम हो जाए, तब नीचे उतारकर कपड़े में डालकर पानी निकाल लें। उसके बाद उससे तीन गुना शक्कर लेकर उसकी चासनी बनायें और अमरूद के टुकड़े उसमें डाल दें। फिर उसमें इलायची दानों का चूर्ण और केसर इच्छानुसार डालकर मुरब्बा बनायें। ठण्डा होने पर इस मुरब्बे को चीनी-मिट्टी के बर्तन में भरकर, उसका मुंह बंद करके थोड़े दिन तक रख छोड़े। यह मुरब्बा 20-25 ग्राम की मात्रा में रोजाना खाने से कोष्ठबद्धता Constipation (कब्जियत) दूर होती है।
अमरूद का कुछ दिनों तक नियमित सेवन करने से 3-4 दिनों में ही मलशुद्धि होने लग जाती है। कोष्ठबद्धता मिटती है एवं कब्जियत के कारण होने वाला आंखों की जलन और सिर दर्द भी दूर होता है।
250 ग्राम अमरूद खाकर ऊपर से गर्म दूध पीने से Constipation कब्ज दूर होती है।
अमरूद को नाश्ते के समय कालीमिर्च, कालानमक और अदरक के साथ खाने से अजीर्ण, गैस, अफारा और Constipation कब्ज की तकलीफ दूर होकर भूख बढ़ जायेगी।
अमरूद के कोमल पत्तों के 10 ग्राम रस में थोड़ी शक्कर मिलाकर प्रतिदिन केवल एक खुराक सुबह सेवन करने से सात दिनों में ही अजीर्ण Constipation (पुरानी कब्ज) में लाभ होता है।
दालचीनी, सोंठ, जीरा और इलायची को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। फिर खाना खाने के बाद इसमें से आधा चम्मच चूर्ण सुबह-शाम लें।
दालचीनी के तेल की 4 बूंदों को चीनी में मिलाकर सेवन करने से कब्ज दूर होती है।
एरण्डी के तेल की 2 से 4 बूंदों को माता के दूध में मिलाकर देना चाहिए।
अरण्डी के तेल की पेट पर मालिश करने से पेट साफ हो जाता है।
6 ग्राम अरण्डी के तेल में 6 ग्राम दही मिलाकर आधे-आधे घण्टे के अन्तर के बाद पिलाने से वायु गोला हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।
एरण्डी का तेल 20 ग्राम और अदरक का रस 20 ग्राम मिलाकर पी लें, फिर ऊपर से थोड़ा-सा गर्म पानी पीने से वायु गोला में तुरंत होता है।
एरण्ड का तेल और उसकी 2 से 3 कलियां खाने से पेट साफ हो जाता है।
एरण्ड के पत्ते और हरड़ की छाल को मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से बंद पेट खुल जाता है और शौच खुलकर आ जाती है।
एरण्डी का तेल 3 चम्मच, बादाम रोगन 1 चम्मच को 250 ग्राम दूध में गर्म कर सोने से पहले लेने से कब्ज दूर हो जाती है।
एक चम्मच एरण्ड का तेल दूध में मिलाकर सोने से पहले पीने से लाभ होता है।
एरण्ड के तेल की 30 बूंदों को 250 ग्राम दूध में मिलाकर सेवन करने से सामान्य पेट की गैस दूर हो जाती है। नवजात शिशुओं को छोटी चम्मच में दी जा सकती है।
बड़ी पीली हरड़ का छिलका 6 ग्राम कालानमक या लाहौरी आधा ग्राम मिलाकर कूटकर रख लें। इसे सोने से पहले पानी के साथ लेने से पेट साफ होता है।
छोटी हरड़ का आधा चम्मच चूर्ण सुबह-शाम भोजन के बाद और सोते समय 1 चम्मच की मात्रा में जल के साथ सेवन से पेट साफ होगा।
छोटी हरड़ 1-1 की मात्रा में दिन में 3 बार चूसने से गैस की बीमारी खत्म हो जाती है।
हरड़, बहेड़े और आंवले को बराबर मात्रा में लेकर कूट-पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर रख लें। इस चूर्ण को त्रिफला चूर्ण कहते हैं। रात्रि को 5 ग्राम त्रिफला चूर्ण गर्म जल या दूध के साथ सेवन करने से कोष्ठबद्धता नष्ट होती है।
हरड़ सुबह-शाम 3 ग्राम गर्म पानी के साथ खाने से कब्ज में फायदा मिलता है। इससे बवासीर रोग में भी लाभ होता है।
हरड़, सनाय और गुलाब के गुलकंद की गोलियां बनाकर खाने से मल बंद (कब्ज) को खुलकर लाता है।
10 ग्राम हरड़, 20 ग्राम बहेड़ा और 40 भाग आंवला आदि को मिलाकर चूर्ण बना लें। रात को सोते 1 चम्मच चूर्ण दूध या पानी के साथ लेने से लाभ होता है।
हरड़ की छाल 10 ग्राम, बहेड़ा 20 ग्राम, आंवला 30 ग्राम, सोनामक्खी 10 ग्राम, मजीठ 10 ग्राम और मिश्री 80 ग्राम को एक साथ पीसकर चूर्ण बनाकर रख लें। फिर 10 ग्राम मिश्रण को शाम को सोने से पहले सेवन करने से कब्ज में लाभ होता है।
छोटी हरड़ और 1 ग्राम दालचीनी मिलाकर पीसकर चूर्ण बना लें, इसमें 3 ग्राम चूर्ण हल्के गर्म पानी के साथ रात में सोने से पहले लेने से कब्ज (कोष्ठबद्धता) दूर होती है।
छोटी हरड़ 2 से 3 रोजाना चूसने से कब्ज मिटती है।
छोटी हरड़ को घी में भून लें। फिर पीसकर चूर्ण बना लें। 2 हरड़ों का चूर्ण रात को सोते समय पानी के सेवन करने से शौच खुलकर आती है।
छोटी हरड़, सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। इसमें से 1 चम्मच चूर्ण रात को सोते समय पानी के साथ सेवन करने से लाभ होता है।
अमरूद खाने से आंतों में तरावट आती है और Constipation कब्ज दूर हो जाती है। इसे खाना खाने से पहले ही खाना चाहिए, क्योंकि खाना खाने के बाद खाने से कब्ज बनती है। Constipation कब्ज वालों को नाश्ते में अमरूद लेना चाहिए। पुरानी कब्ज के रोगियों को सुबह-शाम अमरूद खाना चाहिए। इससे पेट साफ हो जाता है।
अमरूद खाने से या अमरूद के साथ किशमिश खाने से Constipation कब्ज की शिकायत नहीं रहती है।
नाश्ते में अमरूद का सेवन करें। सख्त कब्ज में सुबह-शाम अमरूद खाएं। अमरूद को कालीमिर्च, कालानमक और अदरक के साथ खाने से अजीर्ण, गैस अफारा की तकलीफ दूर होकर भूख बढ़ जाएगी।
अच्छी किस्म के तरोताजा बड़े-बड़े अमरूद लेकर उसके छिलकों को निकालकर टुकड़े कर लें और धीमी आग पर पानी में उबालें। जब अमरूद आधे पककर नरम हो जाए, तब नीचे उतारकर कपड़े में डालकर पानी निकाल लें। उसके बाद उससे तीन गुना शक्कर लेकर उसकी चासनी बनायें और अमरूद के टुकड़े उसमें डाल दें। फिर उसमें इलायची दानों का चूर्ण और केसर इच्छानुसार डालकर मुरब्बा बनायें। ठण्डा होने पर इस मुरब्बे को चीनी-मिट्टी के बर्तन में भरकर, उसका मुंह बंद करके थोड़े दिन तक रख छोड़े। यह मुरब्बा 20-25 ग्राम की मात्रा में रोजाना खाने से कोष्ठबद्धता Constipation (कब्जियत) दूर होती है।
अमरूद का कुछ दिनों तक नियमित सेवन करने से 3-4 दिनों में ही मलशुद्धि होने लग जाती है। कोष्ठबद्धता मिटती है एवं कब्जियत के कारण होने वाला आंखों की जलन और सिर दर्द भी दूर होता है।
250 ग्राम अमरूद खाकर ऊपर से गर्म दूध पीने से Constipation कब्ज दूर होती है।
अमरूद को नाश्ते के समय कालीमिर्च, कालानमक और अदरक के साथ खाने से अजीर्ण, गैस, अफारा और Constipation कब्ज की तकलीफ दूर होकर भूख बढ़ जायेगी।
अमरूद के कोमल पत्तों के 10 ग्राम रस में थोड़ी शक्कर मिलाकर प्रतिदिन केवल एक खुराक सुबह सेवन करने से सात दिनों में ही अजीर्ण Constipation (पुरानी कब्ज) में लाभ होता है।
शलजम
शलजम को कच्चा खाने से Constipation कब्ज़ दूर हो जाता है।दालचीनी
दालचीनी के तेल की 4 बूंदों को चीनी में मिलाकर पीने से कब्ज में लाभ मिलता है।दालचीनी, सोंठ, जीरा और इलायची को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। फिर खाना खाने के बाद इसमें से आधा चम्मच चूर्ण सुबह-शाम लें।
दालचीनी के तेल की 4 बूंदों को चीनी में मिलाकर सेवन करने से कब्ज दूर होती है।
दालचीनी, सोंठ, जीरा और इलायची को बराबर मात्रा में लेकर पीसकर रख लें। फिर खाना खाने के बाद इसमें से आधा चम्मच चूर्ण सुबह-शाम लेने से Constipation कब्ज दूर हो जाती है।
दालचीनी 1 ग्राम और छोटी हरड़ 5 ग्राम का चूर्ण बना लें। यह चूर्ण 100 ग्राम गर्म पानी में मिलाकर रात को पीने से प्रात: साफ दस्त होता है और Constipation कब्ज दूर होती है।
दालचीनी, सोंठ, जीरा और इलायची थोड़ी-सी मात्रा में मिलाकर खाते रहने से कब्ज और अजीर्ण में लाभ होता है।
Constipation कब्ज से पीड़ित व्यक्ति को दिन में 25-30 गिलास पानी पीना चाहिए।
एक गिलास गर्म पानी में 1 चम्मच नमक मिलाकर पीने से उल्टी आकर मेदा अर्थात आमाशय साफ हो जाता है जिससे कब्ज दूर हो जाती है।
पानी को पीने से पेट में Constipation कब्ज नहीं बनती है, क्योंकि पानी पीने से मल ढीला रहता है और आसानी से शौच के दौरान आ जाता है। यदि कब्ज की शिकायत हो तो सुबह पानी में नींबू को निचोड़कर पीने से कब्ज ठीक हो जाती है।
सुबह सोकर उठते ही 1 गिलास पानी पीने तथा भोजन करते समय घूंट-घूंट करके पानी पीने से Constipation कब्ज के रोग में लाभ मिलता है।
दालचीनी 1 ग्राम और छोटी हरड़ 5 ग्राम का चूर्ण बना लें। यह चूर्ण 100 ग्राम गर्म पानी में मिलाकर रात को पीने से प्रात: साफ दस्त होता है और Constipation कब्ज दूर होती है।
दालचीनी, सोंठ, जीरा और इलायची थोड़ी-सी मात्रा में मिलाकर खाते रहने से कब्ज और अजीर्ण में लाभ होता है।
पानी
10 ग्राम पानी को गर्म करके उसमें शहद मिलाकर रात को सोने से 30-40 मिनट पहले पीने से Constipation कब्ज (कोष्ठबद्धता) की शिकायत दूर होती है।Constipation कब्ज से पीड़ित व्यक्ति को दिन में 25-30 गिलास पानी पीना चाहिए।
एक गिलास गर्म पानी में 1 चम्मच नमक मिलाकर पीने से उल्टी आकर मेदा अर्थात आमाशय साफ हो जाता है जिससे कब्ज दूर हो जाती है।
पानी को पीने से पेट में Constipation कब्ज नहीं बनती है, क्योंकि पानी पीने से मल ढीला रहता है और आसानी से शौच के दौरान आ जाता है। यदि कब्ज की शिकायत हो तो सुबह पानी में नींबू को निचोड़कर पीने से कब्ज ठीक हो जाती है।
सुबह सोकर उठते ही 1 गिलास पानी पीने तथा भोजन करते समय घूंट-घूंट करके पानी पीने से Constipation कब्ज के रोग में लाभ मिलता है।
ध्यान देने योग्य बातें :
ठण्डी के दिनों में रोजाना डेढ़ से 2 किलो और गर्मी में लगभग 3 किलो पानी अवश्य पीना चाहिए। भोजन के 1 घंटे पहले और लगभग 2 घंटे बाद ही पानी पीना चाहिए।
एक कप दूध में 2 चम्मच एरण्ड के तेल को मिलाकर सोते समय पिलाने से पेट की कब्ज नष्ट हो जाती है।
सोते समय 2 चम्मच एरण्ड का तेल पीने से Constipation कब्ज दूर होती है, दस्त साफ आता है। इसे गर्म दूध या गर्म पानी में मिलाकर पी सकते हैं।
एरण्ड के तेल की 10 बूंदों को रात को सोते समय पानी में मिलाकर सेवन करने से कब्ज की बीमारी में लाभ होता है।
काबुली हरड़
काबुली हरड़ को रात में पानी में डालकर भिगो दें। सुबह इसी हरड़ को पानी में रगड़कर नमक मिलाकर 1 महीने तक लगातार पीने से पुरानी से पुरानी Constipation कब्ज मिट जाती है।एरण्ड
एरण्ड का तेल 30 ग्राम को गर्म दूध में मिश्री के साथ पीने से Constipation कब्ज में लाभ होता है।एक कप दूध में 2 चम्मच एरण्ड के तेल को मिलाकर सोते समय पिलाने से पेट की कब्ज नष्ट हो जाती है।
सोते समय 2 चम्मच एरण्ड का तेल पीने से Constipation कब्ज दूर होती है, दस्त साफ आता है। इसे गर्म दूध या गर्म पानी में मिलाकर पी सकते हैं।
एरण्ड के तेल की 10 बूंदों को रात को सोते समय पानी में मिलाकर सेवन करने से कब्ज की बीमारी में लाभ होता है।
एरण्डी के तेल की 2 से 4 बूंदों को माता के दूध में मिलाकर देना चाहिए।
अरण्डी के तेल की पेट पर मालिश करने से पेट साफ हो जाता है।
6 ग्राम अरण्डी के तेल में 6 ग्राम दही मिलाकर आधे-आधे घण्टे के अन्तर के बाद पिलाने से वायु गोला हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।
एरण्डी का तेल 20 ग्राम और अदरक का रस 20 ग्राम मिलाकर पी लें, फिर ऊपर से थोड़ा-सा गर्म पानी पीने से वायु गोला में तुरंत होता है।
एरण्ड का तेल और उसकी 2 से 3 कलियां खाने से पेट साफ हो जाता है।
एरण्ड के पत्ते और हरड़ की छाल को मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से बंद पेट खुल जाता है और शौच खुलकर आ जाती है।
एरण्डी का तेल 3 चम्मच, बादाम रोगन 1 चम्मच को 250 ग्राम दूध में गर्म कर सोने से पहले लेने से कब्ज दूर हो जाती है।
एक चम्मच एरण्ड का तेल दूध में मिलाकर सोने से पहले पीने से लाभ होता है।
एरण्ड के तेल की 30 बूंदों को 250 ग्राम दूध में मिलाकर सेवन करने से सामान्य पेट की गैस दूर हो जाती है। नवजात शिशुओं को छोटी चम्मच में दी जा सकती है।
बड़ी हरड़
बड़ी हरड़ को पीसकर रख लें। फिर 5 ग्राम चूर्ण को हल्के गर्म पानी के साथ सेवन करने से कब्ज (कोष्ठबद्धता) दूर हो जाती है।बड़ी पीली हरड़ का छिलका 6 ग्राम कालानमक या लाहौरी आधा ग्राम मिलाकर कूटकर रख लें। इसे सोने से पहले पानी के साथ लेने से पेट साफ होता है।
हरड़
हरड़ का चूर्ण गुड़ में मिलाकर सेवन करने से वात-रक्त (खूनी वात) के कारण होने वाला पेट का दर्द दूर होता है।छोटी हरड़ का आधा चम्मच चूर्ण सुबह-शाम भोजन के बाद और सोते समय 1 चम्मच की मात्रा में जल के साथ सेवन से पेट साफ होगा।
छोटी हरड़ 1-1 की मात्रा में दिन में 3 बार चूसने से गैस की बीमारी खत्म हो जाती है।
हरड़, बहेड़े और आंवले को बराबर मात्रा में लेकर कूट-पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर रख लें। इस चूर्ण को त्रिफला चूर्ण कहते हैं। रात्रि को 5 ग्राम त्रिफला चूर्ण गर्म जल या दूध के साथ सेवन करने से कोष्ठबद्धता नष्ट होती है।
हरड़ सुबह-शाम 3 ग्राम गर्म पानी के साथ खाने से कब्ज में फायदा मिलता है। इससे बवासीर रोग में भी लाभ होता है।
हरड़, सनाय और गुलाब के गुलकंद की गोलियां बनाकर खाने से मल बंद (कब्ज) को खुलकर लाता है।
10 ग्राम हरड़, 20 ग्राम बहेड़ा और 40 भाग आंवला आदि को मिलाकर चूर्ण बना लें। रात को सोते 1 चम्मच चूर्ण दूध या पानी के साथ लेने से लाभ होता है।
हरड़ की छाल 10 ग्राम, बहेड़ा 20 ग्राम, आंवला 30 ग्राम, सोनामक्खी 10 ग्राम, मजीठ 10 ग्राम और मिश्री 80 ग्राम को एक साथ पीसकर चूर्ण बनाकर रख लें। फिर 10 ग्राम मिश्रण को शाम को सोने से पहले सेवन करने से कब्ज में लाभ होता है।
छोटी हरड़ और 1 ग्राम दालचीनी मिलाकर पीसकर चूर्ण बना लें, इसमें 3 ग्राम चूर्ण हल्के गर्म पानी के साथ रात में सोने से पहले लेने से कब्ज (कोष्ठबद्धता) दूर होती है।
छोटी हरड़ 2 से 3 रोजाना चूसने से कब्ज मिटती है।
छोटी हरड़ को घी में भून लें। फिर पीसकर चूर्ण बना लें। 2 हरड़ों का चूर्ण रात को सोते समय पानी के सेवन करने से शौच खुलकर आती है।
छोटी हरड़, सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। इसमें से 1 चम्मच चूर्ण रात को सोते समय पानी के साथ सेवन करने से लाभ होता है।